Pakistan Balochistan IED Attacks Security Crisis.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं. बीते 24 घंटों में पाकिस्तानी सेना और पुलिस के खिलाफ कई बड़े हमले हुए, जिसमें सुरक्षा चौकियों, हाईवे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. कई जगहों पर हथियारबंद लोगों ने न केवल सेना के वाहनों को निशाना बनाया, बल्कि राजमार्गों पर कब्जा कर यातायात को भी बाधित किया. इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और सुरक्षाबलों की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं.

कलात शहर के पास पाकिस्तानी सेना के एक गाड़ी को विस्फोटक उपकरण (IED) से उड़ा दिया गया. इस हमले में कई सैनिकों के हताहत होने की खबर है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. इसके अलावा क्वेटा में एक पुलिस की गाड़ी पर IED हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए. इन हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया, लेकिन अब तक किसी भी संगठन ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी नहीं ली है.

सेना की चौकियों पर रॉकेट हमले

बलूचिस्तान के किशनगनी और कच्छी जिलों में पाकिस्तानी सेना की चौकियों को निशाना बनाकर हमले किए गए. वहीं, सिबी शहर के पास हथियारबंद लोगों ने हाईवे पर नाकाबंदी कर दी, जिससे यातायात बाधित हो गया. पंजगुर के बालगेटर इलाके में सीपीईसी राजमार्ग को तीन घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध रखा गया. इसके अलावा नोश्की में सेना की चौकियों पर रॉकेट दागे गए, जिसके बाद पूरे इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई.

बस ड्राइवरों का अपहरण

मस्तंग के डिप्टी कमिश्नर के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने पंजाब के दो बस ड्राइवरों का अपहरण कर लिया और उन्हें अपने साथ ले गए. पुलिस और सुरक्षाबल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं. वहीं, शोभितपुर के गुरनदी तगिया में पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ और डेरा बुगती के कट्टान पुल में सेना की चौकी को निशाना बनाया गया.

खुजदार और खरान में बिगड़े हालात

खुजदार में 36 घंटे तक नेटवर्क न रहने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. वहीं, पंजाब के सरदारगढ़ इलाके के अली चौक में पुलिस पर ग्रेनेड हमला किया गया. खरान शहर में भीषण विस्फोट की खबर मिली है, जिसमें कई लोगों के घायल होने की आशंका है. डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पर भी ग्रेनेड हमला किया गया, लेकिन अभी तक प्रशासन ने इस हमले का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया है.

बलूचिस्तान में हिंसा से चिंतित सरकार

बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और लगातार हो रहे हमलों ने पाकिस्तान सरकार की चिंताएं बढ़ा दी हैं. दश्त-ए-खदान सैन्य अड्डे पर भारी हमले की खबरें आ रही हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्रोहियों की गतिविधियां कितनी तेज हो गई हैं. पाकिस्तानी सेना और सरकार के लिए यह एक बड़ा सुरक्षा संकट बनता जा रहा है. इन घटनाओं के बाद पूरे बलूचिस्तान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि सरकार इन हमलों पर कितनी जल्दी काबू पा सकेगी.

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